Facts About Fear Aur Dar Ko Kaise Jeetein – Tantrik Upay & Divya Sadhana Revealed
Wiki Article
स्कूलों के लिए आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम
नहीं, आप तपाक से मना कर देंगे क्योंकि आपको तो ये सब सोचकर ही डर लगता है. तो मतलब आप डर गए तो सुरक्षित बच गए, नहीं तो ऐसा करने में जान भी जा सकती थी.
पर इस चीज़ की गारंटी है की वो इन पैसों से कभी खुश और निर्भीक नहीं रह पायेंगे.
स्कूलों के लिए आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम
ये कुछ ख़ास और जरूरी डर दूर करने के तरीके हैं जिनका ख्याल रखना बहुत ही जरूरी है.
हम यहाँ आपको एक उदहारण देते हैं जिससे ज्यादातर लोग तो समझ ही जायेंगे की अपने डर को कैसे दूर भगाए.
स्वयं को लगातार स्मरण कराते रहें कि सब कुछ अच्छे के लिए ही होता है।
इसलिए अगर निर्भीक रहना चाहते हैं या सोच रहे हैं की अपने मन मस्तिष्क के डर को कैसे दूर भगाए तो भगवान् को रोजाना याद करें.
गरीबी और असफलताओं से डर नहीं खाकर वे भारत के “मिसाइल मैन” और राष्ट्रपति बने।
नहीं ना? फिर किसी से इतना लगाव क्यों की हमें अंदर ही अंदर उसकी सार संभाल का डर लगने लगे? उससे जुदा होने का डर लगने लगे.
मतलब जिस चीज़ से आपको डर लगता है उसके आस पास रहने से या उसके साथ समय बिताने से कुछ ही समय में डर दूर भाग जाता है.
छोटे-छोटे कदमों में अपने डर के सामने खड़े हों।
उत्तर: नहीं। डर से भागने की बजाय उसका सामना करना ही समाधान है।
चिंता हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा है। जब हम चिंता करते हैं तब हमारा दिमाग विचारों के एक भंवर में फंस जाता है। यही विचार डर को here जन्म देते हैं।